पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि जिनके पास विद्वता और ज्ञान का खजाना होता है वही अमीर हैं। उन्होंने कहा कि हम इसलिए सम्पन्न हैं क्योंकि हमारे पास श्री गुरू ग्रंथ साहिब, भाई नंद लाल, भाई काहन सिंह नाभा, भाई वीर सिंह जैसे लेखकों की रचनाओं का मूल्यवान भंडार है। यूनिवर्सिटी ऐसे विद्वानों की रचनाएं छापने के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

वह मंगलवार को यूनिवर्सिटी के पंजाबी भाषा विकास विभाग की ओर से सीनेट हाल में आयोजित पांचवें भाई काहन सिंह नाभा यादगारी विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे। इससे पहले पंजाबी भाषा विकास विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डा. बलजीत कौर सेखों ने भाई काहन सिंह नाभा यादगारी भाषण लड़ी की रिवायत और इसके महत्व के संबंध ने जानकारी दी।

समारोह के मुख्य वक्ता गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के श्री गुरु ग्रंथ साहिब अध्यनन केंद्र के प्रमुख प्रोफेसर गुलार सिंह कंग ने भाई काहन सिंह नाभा के जीवन और उनके साहित्य, कला, भाषा, सभ्याचार, इतिहास, धर्म, भूगोल, चिंतन और समाज कल्याण आदि क्षेत्रों में बहूमूल्य योगदान के लिए उनकी एक युग पुरुष से तुलना की और कहा कि भाई साहिब ने पूर्वी और पश्चिमी सभ्याचार को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर जो भूमिका निभाई वह शानदार है।

अमृतसर यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो वाइस चांसलर और जाने-माने विद्वान प्रोफेसर प्रिथीपाल सिंह कपूर को चौथा भाई काहन सिंह नाभा पुरस्कार प्रदान किया गया। इस सम्मान में उनको 51 हजार की राशि, लोई और पुस्तकों का सेट भेंट किया गया। डा. कपूर ने भाई काहन सिंह नाभा और सिंह सभा लहर के हवाले से मूल्यवान टिप्पिणयां की जबकि भाई काहन सिंह नाभा के परपौत्र आदर्शपाल सिंह ने महान कोष के  बारे में चर्चा की।

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